मुंबई हमले में भूमिका को लेकर साजिद मीर से होगी पूछताछ, हाफिज और लखवी से रिश्तों की भी होगी पड़ताल

एफआईए अधिकारी ने बताया कि फिलहाल साजिद मीर पाकिस्तान की सेंट्रल जेल गुजरांवाला में कैद है। जहां, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की टीम मुंबई हमले के मामले में मीर की कथित भूमिका के लिए गुजरांवाला जेल में उससे पूछताछ करेगी। 

एफबीआई की ओर से घोषित मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में से एक और 2008 के मुंबई हमलों के मास्टर माइंड साजिद मजीद मीर से पाकिस्तान सरकार के अधिकारी पूछताछ करेंगे। वहां के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि 2008 में मुंबई हमले में साजिद मीर की भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी। हाल ही में उसे टेरर फंडिंग के एक मामले में 15 साल जेल की सजा दी गई है। वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक एफएटीएफ की ग्रे सूची से निकलने के लिए पाकिस्तान ने मीर को सजा दिलाने का नाटक किया है।

हाफिज सईद और लखवी से संबंधों के बारे में भी की जाएगी पूछताछ

मुंबई हमला मामले में जांच से जुड़े एफआईए अधिकारी ने बताया कि साजिद मीर के जमात-उद-दावा  प्रमुख हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन कमांडर जकीउर्रहमान लखवी के साथ उसके संबंधों और हमले के वित्तपोषण के लिए भी पूछताछ की जाएगी। 26/11 का मामला रावलपिंडी और इस्लामाबाद में आतंकवाद विरोधी अदालतों में 2009 से लंबित है।

गुजरांवाला जेल में कैद है साजिद मीर

साजिद मीर प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का सदस्य है। एफआईए अधिकारी ने बताया कि फिलहाल साजिद मीर पाकिस्तान की सेंट्रल जेल गुजरांवाला में कैद है। जहां, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की टीम मुंबई हमले के मामले में मीर की कथित भूमिका के लिए गुजरांवाला जेल में उससे पूछताछ करेगी। इस महीने की शुरुआत में लाहौर में एक आतंकवाद-रोधी अदालत (एटीसी) द्वारा आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में सजा सुनाई गई थी। हालांकि इस मामले का मुंबई हमले के मामले से कोई लेना-देना नहीं है। एफआईए अधिकारी ने कहा कि मीर को पहले इस मामले में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था।

जिंदा है मीर

निक्केई एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, एफबीआई के एक अधिकारी ने बताया है कि मीर पाकिस्तान में जिंदा है, हिरासत में है और उसे सजा सुनाई गई है। मीर को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल करते हुए एफबीआई ने 2011 में उस पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा था। अमेरिका और भारत दोनों ही एक दशक से उसे खोज रहे हैं। लश्कर सरगना हाफिज सईद के करीब साजिद को मुंबई हमले की योजना बनाने वाले डेविड कोलमैन हेडली और अन्य आतंकवादियों का हैंडलर माना जाता है।

लखवी का सुरक्षा प्रमुख था साजिद

साजिद मीर 2010 तक लश्कर-ए-ताइबा के ऑपरेशन चीफ जकी-उर-रहमान लखवी की सुरक्षा का जिम्मा संभालता था। वह विदेश में न सिर्फ आतंकियों को रिक्रूट करता था बल्कि पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर चलाता था। वह आईएसआई के इंडियन मुजाहिदीन ऑपरेशन का भी हिस्सा था, जिसे कराची प्रोजेक्ट कहा जाता था।

2005 में फर्जी नाम से भारत आया

साजिद मीर को मुंबई हमलों का ‘प्रोजेक्ट मैनेजर’ कहा जाता है। वह 2005 में फर्जी नाम से फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत भी आया था। एफबीआई के मुताबिक, साजिद मीर ने कथित तौर पर 2008 और 2009 के बीच डेनमार्क में एक अखबार और उसके कर्मचारियों के खिलाफ आतंकवादी हमले की साजिश रची थी।

ठप पड़ी है मामले में कार्रवाई

मुंबई हमला मामले में छह गिरफ्तार संदिग्धों अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनिस अंजुम को अदियाला जेल रावलपिंडी में रखा गया है। उनपर हत्या के लिए उकसाने, हत्या के प्रयास, योजना बनाने और मुंबई हमलों को अंजाम देने के आरोप हैं। पिछले कई वर्षों से इस मामले की कार्यवाही लगभग ठप पड़ी है।

एफआईए ने कहा कि चूंकि भारत ने अपने 24 गवाहों को उनके बयान और अन्य सबूत दर्ज करने के लिए पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया है, इसलिए मामला आगे नहीं बढ़ सकता है। 

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